Friday, 2 August 2019

VRINDAVAN


VRINDAVAN



वृन्दावन आखिर है क्या? लोग क्यों यहां एक बार जाकर केवल तन से वापस आते हैं, मन वहीं छूट जाता है? 

वृन्दावन का आध्यातमिक अर्थ है- "वृन्दाया तुलस्या वनं वृन्दावनं" तुलसी का विषेश वन होने के कारण इसे वृन्दावन कहते हैं। वृन्दावन ब्रज का हृदय है जहाँ भगवान श्री राधाकृष्ण ने अपनी दिव्य लीलायें की हैं। इस दिव्य भूमि की महिमा बड़े-बड़े तपस्वी भी नहीं समझ पाते। ब्रह्मा जी का ज्ञान भी यहाँ के प्रेम के आगे फ़ीका पड़ जाता है। । इसमें तनिक भी सन्देह नहीं है कि वृन्दावन का कण-कण रसमय है। रसिकों की राजधानी भी वृन्दावन को कहा जाता है। वृन्दावन श्री राधिका जी का निज धाम है। विद्वत्जन श्री धाम वृन्दावन का अर्थ इस प्रकार भी करते हैं "वृन्दस्य अवनं रक्षणं यत्र तत वृन्दावनं" जहाँ श्री राधारानी अपने भक्तों की दिन-रात रक्षा करती हैं, उसे वृन्दावन कहते हैं।

वृन्दावन तीर्थों का राजा है।
कृष्ण और वृन्दावन एक दूसरे का पर्याय हैं दोनों एक हैं अलग नही। जिस प्रकार श्रीमद भागवद गीता और भगवान की वाणी एक है उसी प्रकार कृष्ण और उनका यह प्रेममय, रसमय, चिन्मय धाम दोनों अभेद हैं ।
 सूरदास जी ने वृन्दावन धाम की रज की महिमा का गुण गान करते हुए यह पद भी लिखा कि-

हम ना भई वृन्दावन रेणु,
तिन चरनन डोलत नंद नन्दन नित प्रति चरावत धेनु।
हम ते धन्य परम ये द्रुम वन बाल बच्छ अरु धेनु।
सूर सकल खेलत हँस बोलत संग मध्य पीवत धे।

आप कभी भी अनुभव कर सकते  हैं कि वृन्दावन की भूमि पर कदम रखते ही शरीर मे एक रोमांच सा होने लगता है, जो वापिस वहां से दूर हटते ही समाप्त हो जाता है। किसी भी धाम में जाइये ऐसा अनुभव आपको नही होगा। हमारे श्रवण भी प्रत्येक क्षण राधे राधे का स्वर सुनते रहते हैं।
यहां आते ही भाव अपने आप प्रस्फुटित होने लगते हैं। बिहारीजी के समक्ष खड़े होकर उनको निहारते समय आपको कभी कुछ याद नही रहेगा कि आप कौन हैं, यहां क्यों आये। उनसे कुछ मांगना तो दूर की बात है। मंत्रमुग्ध, चित्रलिखित सी अवस्था!!
मैने आज तक धाम में जाकर कभी कुछ नही मांगा, ध्यान तक नही आता। जबकि मांगने को प्रभु की चरण सेवा और दर्शन की अभिलाषा सबको होती है।
वो केवल भाव के भूखे हैं, आपका भाव पढ़ते हैं। प्रेममय भाव हैं तो अवश्य दर्शन मिलेगा वरना कोई न कोई बाधा आ ही जाती है।
हम उनके दर्शन न कर पाने का ठीकरा भी उन्ही पर फोड़ते हैं कि हमे बुलाते नही। यह बिल्कुल असत्य, और गलत सोच है। वो सबकी राह देखते हैं, शर्त बस इतनी सी कि हमारे पांव प्रेम मय भक्ति  के साथ  उस राह पर कब पड़ते हैं!! राधा रानी ब्रज की अधिष्ठात्री देवी हैं, अश्रुपूरित, प्रेममयी प्रार्थना उनको पिघला देती है। उनकी आज्ञा के बिना कोई भी ब्रज भूमि पर पांव नही रख सकता।
हम सब राधा रानी से प्रार्थना करें कि हमे बारम्बार ब्रजदर्शन हों

Saturday, 6 July 2019

Budget 2019

                                                        Budget 2019  

Finance Minister Nirmala Sitharaman, announcing  Budget for 2019-20 in 

Parliament on Friday, said India will become a $3 trillion economy this year.

बजट की खास बातें-
 5 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा।
 2-5 करोड़ की आय वालों पर 3 फीसदी अतिरिक्त कर लगेगा।
 5 करोड़ से अधिक आय पर 7 फीसदी अतिरिक्त टैक्स लगेगा।
 2 करोड़ तक की आय पर टैक्स में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
 खाते से एक साल में एक करोड़ से ज्यादा निकासी पर 2 फीसदी टीडीएस लगेगा।
 पैन कार्ड की जगह आधार कार्ड से भी भरा जा सकेगा आयकर।
 सरकारी बैंकों को 70 हजार करोड़ रुपए मिलेंगे। सरकारी बैंकों की संख्या घटाकर 8 की जाएगी।
 सरकार हाउसिंग बैंक के रेगुलेशन को नेशनल हाउसिंग बैंक से हटाकर रिजर्व बैंक को देगी। इनका नया रेगुलेटर रिजर्व बैंक होगा।
 सरकार ने ऐलान किया कि लोन देने वाली कंपनियों को अब सीधा आरबीआई कंट्रोल करेगी।
 सरकार 1 से 20 रुपये के नए सिक्के जारी करेगी।
 इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर 12% की जगह 5 फीसदी जीएसटी।
 स्टार्टअप के जुटाए फंड पर इनकम टैक्स जांच नहीं करेगा। एंजेल क्स से छूट।
 अब 400 करोड़ रुपए तक टर्नओवर वाली कंपनियों को 25 फीसदी कॉर्पोरेट टैक्स देना होगा।
 45 लाख तक का घर खरीदने पर 1.5 लाख की छूट।
 हाउसिंग लोन पर 3.5 लाख रूपए तक ब्याज में छूट।
 एयर इंडिया को बेचने की प्रक्रिया एक बार फिर होगी शुरू।
 युवाओं को महात्मा गांधी के मूल्यों से अवगत कराने के लिए ‘गांधीपीडिया’बनेगा।
 बुनियादी सुविधाओं के लिए 100 लाख करोड़ का निवेश होगा।
 सोने और बहुमूल्य धातुओं पर उत्पाद शुल्क 10 से बढ़कर होगा 12.5 प्रतिशत कर दिया गया है।
 पेट्रोल और डीजल पर 1-1 रुपये का अतिरिक्त सेस वसूला जाएगा।
 बीमा क्षेत्र में 100 फीसदी एफडीआई।


Wednesday, 26 June 2019

VRINDAVAN राधे राधे ( श्री वृन्दावन बिहारी लाल की जय )

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वृन्दावन मथुरा के पास एक ऐसी  नगरी जहाँ भगवान्  श्री कृष्ण ने अपनी बाल लीलायें की एक ऐसा चमत्कारी नगर जहाँ की कहानियां सुनकर लोग आज भी मंत्रमुग्ध हो जाते है. कहते है की भगवान् श्री कृष्णा आज भी यहाँ विराजते है यहाँ एक बहुत पुराण मंदिर है श्री वृन्दावन बिहारी लाल का बड़े बड़े महात्मा कहते है की इन को मूर्ति मत समझना श्री बिहारी जी साक्षत यहाँ विराजते है.बहुत सारी  कहानियां भी है.जिन से यह सिद्ध होता है की भगवान् आज भी यहाँ रहते है.  
आज भी ब्रज में  रहने वाले लोग भगवान् को लल्ला के नाम  पुकारते है. ब्रज में आज भी भगवान् के बाल रूप की पूजा की जाती है हर घर में  भगवान् की लड्डू गोपाल की मूर्ति की सेवा की जाती है. सेवा इस प्रकार है ;-

- सुबह लल्ला (लड्डू गोपाल जी ) को  ताली बजा कर उठाना। 
- पंचामृत से स्नान करना
- माखन मिश्री का भोग लगाना
- घर की रसोई  में  जो भी बना है  सबसे पहले अपने कन्हैया को देना।
- और शाम के खाने के बाद शयन आरती के साथ उन को सुलाना।
ये हर ब्रजवासी की दिनचर्या होती है. आज भी अपने बच्चे  की तरह प्यार करते है ब्रजवासी अपने गोपाल को।

-कैसे प्रकट हुए श्री वृन्दावन बिहारी लाल ?
स्वामी हरिदास जी महाराज जो की महान  संगीत सम्राट तानसेन के गुरु थे। श्री कृष्णा भगवान् के बहुत बड़े भक्त थे. उन्होंने अपनी संगीत कला को सिर्फ भगवान् के लिए ही अर्पण किया हुआ था वो प्रतिदिन श्री कृष्ण जी की रास लीला स्थली पर जा कर संगीत से भगवान् की आराधना किया करते थे।
जब भी हरिदास जी अपने संगीत से भगवान्  की आराधना में खो जाते भगवान् खुद साक्षात् आ कर उन को दर्शन देते।
एक दिन हरिदास जी के एक शिष्य ने कहा की हे महाराज जी हम सभी श्री कृष्ण के दर्शन करना कहते है। उन से प्यार दुलार करना कहते है उन की सेवा करना कहते है।  बस फिर क्या था हरिदास जी ने उस की भावनाओं को ध्यान में  रख कर  अपनी आराधना में  खो गए और भजन गाने लगे।
जब श्री कृष्णा अपनी राधा रानी के साथ उन को दर्शन देने आये तो हरिदास जी ने अपने शिष्यो की भावना को जाहिर किया तो भगवान् ने कहा की हम दोनों इसी रूप में  यहाँ रह जाते है।  तब हरिदास जी ने कहा की हे कन्हैया  में तो एक संत हूँ आप की तो सेवा कर लूंगा लेकिन राधा रानी जी के लिए रोज नए आभूषण और वस्त्र कहाँ से लाऊंगा। हरिदास जी की बात सुन कर भगवान् मुस्कराये और थोड़ी ही देर में राधा कृष्णा की युगल जोड़ी एक दूसरे में  समां कर विग्रह रूप  प्रकट हुई।  राधा कृष्णा के इस रूप को हरिदास जी ने बांके बिहारी का नाम दिया। बांके बिहारी राधा कृष्णा का मिला हुआ रूप है। इन के दर्शन मात्र से सभी मनोकामएं पूरी हो जाती है।  (बोलो राधे राधे श्याम से मिला दे )
श्री राधा
एक बार श्री राधारानी जी ने "श्री सेवा कुञ्ज" में रास में आने में बहुत देर लगा दी तो,
श्यामसुंदर उनकी विरह में रोने लगे ! जब स्वामिनी को बहुत देर हो गयी तब श्यामसुंदर धीरता ना रख सके और सखीयो से पूछने लगे !
परंतु थोड़ी ही देर में स्वामिनी रासमंडल में पधारी ! तभी श्याम मान ठान कर बैठ गए...
तब स्वामिनी जी बोली !
ललिता जी इन महाराज को क्या हुआ,

जो मुँह फुलाय काहे बैठे है !
ललिता जी ने पूरी कथा सुना दी !
स्वामिनी जी मुस्कुराते हुए श्याम के चिबुक पर हाथ लगाया, जैसे ही लगाया
श्याम के चिबुक पर "दाल चावल" लग गए
श्याम और मान ठान बैठे !
बोले एक तो "देर से और अब हमारे मुख पर दाल भात्त" लगाय सखियों से मज़ाक़ करवाओगी !
स्वामिनी जी मुस्कुरा के बोली,
"ललिताजी एक बात बताओ"
"यह सब जो बाबा लोग है जो जितने भी भजनानंदी है, यह सब अपना घरबार छोड़ ब्रज रज में भजन करने आवे, इन्हें यहाँ लाने वाला कौन है"
ललिता जी बोले - यही आपके श्यामसुंदर !
तो ललिताजी क्या इनका "कर्तव्य नहीं बनता के जो इनके नाम का पान करने घर छोड़ भजन करने वृंदावन आए और इनके नाम कीर्तन करे तो इन्हें उनका ख़याल रखना चाहिये !
अब आज "इतनी घनघोर वर्षा हुई के वृंदावन के आज दस महात्मा कहीं मधुकरी करने ना जा सके"
तब वो सोचे "जैसे ठाकुरजी की इच्छा" बोले ख़ाली पेट सोने लगे
तभी मैं वहीं से गुज़र रही थी रासमंडल के लिए
मैंने तभी " जल्दी जल्दी उन दस महात्माओं के लिए दाल भात्त बनायी और अपने हाथो से परोस आयी और कहा " बाबा मोहे मेरी मैया ने भेजा है आप मधुकरी करने को ना गए ना
तभी मोहे देर हो गयी और जल्दी जल्दी में अपने हाथ ना धो सकी तो हाथ में दालभात्त लगा ही रह गया
यह सुन श्याम रोने लगे और चरण में पड़कर बोले
स्वामिनी " वैराग्य उत्पन्न करा घर बार छुड़ाना
यह मेरा काम हैं
परंतु
उन सब को प्रेम, दुलार, सम्मान उनकी रक्षा करना उन्हें अपनी गोद में लेकर "बार बार कहना कृपा होगी होगी होगी, मैं हूँ ना" यह सब तो आप ही करना जानती हो !
श्याम, सखियाँ, मंजरिया, लता, पुष्प, पशु, पक्षी, कण कण बोल उठा.....
"श्री राधा श्री राधा श्री राधा"


Tuesday, 25 June 2019

KISAN CREDIT CARD (KCC) कृषि कार्ड

Kisan Credit Card (KCC) 

कृषि कार्ड 

किसान क्रेडिट कार्ड  भारत सरकार द्वारा एक पहल है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि देश के किसानों को सस्ती दर पर ऋण उपलब्ध हो। यह योजना अगस्त 1998 में ऋण और कृषि कल्याण पर इनपुट के लिए गठित एक विशेष समिति की सिफारिशों के आधार पर शुरू की गई थी। केसीसी को किसान क्रेडिट कार्ड ऋण के रूप में भी संदर्भित किया जा सकता है क्योंकि यह किसानों को खेती, फसल और खेत के रखरखाव की लागत को कवर करने के लिए टर्म लोन प्रदान करता है।


- किसान क्रेडिट कार्ड से होने वाले फायदे -:
१. इस कार्ड का उपयोग किसान फसल उत्पादन से संबंधित खर्च के लिए कर सकते है.
२. इस कार्ड का उपयोग  डेयरी पशु आदि के लिए खर्च एबं खेती की संपत्ति के रखरखाव के लिए भी किया जा सकता है 
३. इस कार्ड का उपयोग किसान अपनी फसल को मंडी तक ले जाने वाले खर्च के लिए भी करसकता है.

किसान क्रेडिट कार्ड के लिए जमानत की जरुरत होती है?
मित्रो RBI के दिशा निर्देश अनुशार 1,5 लाख की रकम के लिए आप को किसी भी तरह की जमानत की जरुरत नहीं होती है. ऋण पर ब्याज के अलावा, कुछ अन्य अतिरिक्त शुल्क योजना में शामिल हैं। इनमें प्रोसेसिंग फीस, बीमा प्रीमियम आदि शामिल हैं। हालांकि, कई मामलों में कर्ज देने वाले संस्थान किसानों के हित के लिए इन शुल्कों को माफ कर देते हैं। उदाहरण के लिए, एसबीआई एल के लिए कोई प्रोसेसिंग चार्ज नहीं लगाता है

- किस बैंक से किसान क्रेडिट कार्ड बनवा सकते है?
भारत में कई सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, सहकारी बैंकों और ग्रामीण बैंकों द्वारा किसान क्रेडिट कार्ड बनवाया जा सकता है.
१. भारतीय स्टेट बैंक (SBI)
२. बैंक ऑफ इंडिया (BOI)
३. भारतीय औद्योगिक विकास बैंक (IDBI)
४. भारत का राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) आदि 

प्रिय किसान मित्रो कुछ कड़वे शब्द  साथ बाँटना कहता हूँ हमारे  देश में एक बहुत बड़ी कमी है जो की हमे बैंकिंकिंग सेक्टर में  लगती है जो है जानकारी का आभाव कोई सरकारी बैंक के कर्मचारी पूरी जानकारी नहीं देते। हाँ अगर आपके किसी चीज मई कोई कमी है तो आप की फाइल रिजेक्ट कर देना पसंद करते है इस  को लड़ना पड़ेगा और आप को सही दिशा न मिलने पर कड़े कदम भी उठाने पड़ेंगे।

- किसान क्रेडिट कार्ड का ऑनलाइन  आवेदन SBI की वेबसाइट पर जा कर कर सकते है ऑनलाइन आवेदन के लिए इस लिंक पर क्लिक करें -: https://www.sbi.co.in/portal/web/agriculture-banking/kcc





Friday, 21 June 2019


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 MUDRA LOAN 
Pradhan Mantri Mudra Yojana)

प्रधान मंत्री मुद्रा योजना (PMMY) छोटे व्यापारियों को आगे लेन वाली बहुत आकर्षक योजना है इसके तहत छोटा लोन दिया जाता है किसी भी व्यापारी को अपना रोजगार शुरू करने के लिए इस योजना के दो उद्देश्य हैं.
१. छोटे उद्यमों के जरिए रोजगार का सृजन करना
२. छोटे व्यापारी को आसानी से ऋण मिलना 

- क्या आप को मिल सकता है मुद्रा लोन ?

हाँ हर भारत के हर  उस नागरिक को जो अपना रोजगार खोलना चहता है. वह अपनी जरूरत के अनुशार १० लाख तक का मुद्रा ऋण प्रधान मंत्री मुद्रा योजना (PMMY) के तहत ले सकता है.आपसे कामकाज से बारे में जानकारी लेता है. उस आधार पर आपको PMMY लोन मंजूर करता है. कामकाज की प्रकृति के हिसाब से बैंक मैनेजर आपसे एक प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनवाने के लिए कह सकता है.

-  किस बैंक से मिलेगा मुद्रा लोन ?

मित्रो भारत की किसी भी बैंक की किसी भी शाखा पर जा कर आप मुद्रा लोन के लिए आवेदन कर सकते है. हाँ बैंक की तरफ से आपसे कामकाज से बारे में जानकारी लेता है. उस आधार पर आपको PMMY लोन मंजूर करता है. कामकाज की प्रकृति के हिसाब से बैंक मैनेजर आपसे एक प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनवाने के लिए कह सकता है. और आप को आसानी से इस योजना का लाभ मिल जाता है. और जानकारी  आप मुद्रा लोन की ऑफिसियल वेबसाइट :-https://www.mudra.org.in/ पर भी विजिट कर सकते है.

State Toll Free Numbers for PMMY:- 

 "MUDRA एक पुनर्वित्त संस्थान है। MUDRA सीधे सूक्ष्म उद्यमियों / व्यक्तियों को उधार नहीं देता है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) के तहत मुद्रा लोन का लाभ नजदीकी बैंक, NBFC, MFI आदि के शाखा कार्यालय से लिया जा सकता है। उधारकर्ता अब उधार भी ले सकते हैं। मुद्रमित्र पोर्टल (www.mudramitra.in) पर MUDRA ऋण के लिए ऑनलाइन आवेदन करें। मुद्रा ऋण का लाभ उठाने के लिए MUDRA द्वारा कोई एजेंट या बिचौलिया नहीं लगाया गया है। उधारकर्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे MUDRA के एजेंटों से जुड़े व्यक्तियों से दूर रहें। "


Thursday, 20 June 2019

AYUSHMAN BHARAT- Pradhan Mantri Jan Arogya Yojana

आयुष्मान भारत योजना के तहत पांच लाख रुपए तक का मुफ्त बीमा कवर देने वाली प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में  देश के करीब 11 करोड़ गरीब परिवारों के 50 करोड़ से अधिक लोगों को सरकारी और निजी अस्पतालों में बिना पैसों के  इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने वाली  आयुष्मान भारत योजना के तहत अब तक देश भर में 15,000 अस्पताल जुड़ चुके हैं.अपने शहर में हॉस्पिटल पता करने के लिए यहाँ क्लिक करें -:
https://hospitals.pmjay.gov.in/Search/empnlWorkFlow.htm?actionFlag=ViewRegisteredHosptlsNew


मित्रो में आप को बताना कहता हूँ। कि योजना के लिए नामांकन / प्रीमियम भुगतान के संबंध में धोखाधड़ी वाले कॉल, एसएमएस और व्हाट्सएप संदेशों पर ध्यान न दें। कृपया अपना आधार कार्ड नंबर या कोई अन्य आईडी कॉपी किसी भी वेबसाइट, व्यक्ति या संगठन के साथ सत्यापन या नामांकन के नाम पर साझा न करें।
अगर आप को अपनी पात्रता की जानकारी लेनी है  तो आप इस योजना की ऑफिसियल वेबसाइट https://www.pmjay.gov.in या इस लिंक पर क्लिक करके पता कर सकते है

अपनी पात्रता जानने के लिए यहाँ क्लिक करें -:
https://mera.pmjay.gov.in/search/login



अगर आप  योजना में पात्रता रखते है तो आप के घर के एड्रेस पर प्रधानमंत्री जन आरोग्य की तरफ से  पत्र आएगा जिस पर आप का नाम और QR कोड होगा जिस से आप किसी भी हॉस्पिटल जो की इस योजना के तहत सर्विस दे रहा है वह जा कर अपना कोई भी ID दिखा कर गोल्डन कार्ड बनवा सकते है और अगर आप के पास गोल्डन कार्ड नहीं है तब भी आप पत्र  पर दिए QR कोड और मरीज  कोई भी ID दिखा कर भर्ती कर सकते है/ आप का गोल्डन कार्ड कुछ ऐसा होगा -:

Pradhan Mantri Jan Arogya Yojana (PM-JAY) App launched on Google play store

प्रधान मंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) ऐप को Google play store पर लॉन्च किया गया है। आयुष्मान भारत योजना या प्रधान मंत्री अरोग्य योजना (PMJAY) एक केन्द्र प्रायोजित योजना है; जिसे वर्ष 2018 में देश में MoHFW के आयुष्मान भारत मिशन के तहत लॉन्च किया गया था। इस योजना का उद्देश्य प्राथमिक, माध्यमिक और तृतीयक देखभाल प्रणालियों में हस्तक्षेप करना है, स्वास्थ्य सेवा को बढ़ावा देने के लिए निवारक और प्रोत्साहन स्वास्थ्य दोनों को कवर करना है ।
 https://play.google.com/store/apps/details?id=org.nha.pmjay&hl=en


इस योजना का लाभ उठाने के लिए आप को किसी को भी एक भी रूपया देने की जरूरत नहीं है इस योजना की साडी सुबिधायें फ्री है/ 
आयुष्मान भारत ने दुनिया में सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना के रूप में स्थिरीकरण किया है, जिसके लॉन्च के बाद से 10 लाख से अधिक रोगियों को लाभ हुआ है, और सकारात्मकता का माहौल बनाया गया है,



Wednesday, 19 June 2019

THE LOVE SYMBOL CITY AGRA

TAJ MAHAL 
( THE  SYMBOL OF LOVE )

Taj Mahal is not only beautiful building its real love symbol Shah Jahan and his loved Mumtaz Mahal.

Tajmahal is in Agra.It is a beautiful 
city situated on the bank of river Yamuna .world also known by the name of love city Agra. because here is the memory of the sahjahan of happiness of love for the beloved wife of Mumtaz mahal. 

Sahajahan saw Mumtaz Meena Bazar for the first time. At first glance, he fell in love with Mumtaz. Mumtaz Mahal was a very good chess player, better than Shahjahan, and he was ambitious.

Sahjahan' s majesty and calmness of the instinct is called 'Tajmahal', which is said to be one of the Seven Wonders of Beauty. Its carved ceilings and walls do not seem to be less than surprising. Its history is on the lips of all the children - the Mughal emperor Shah Jahan had built the Taj Mahal in memory of his second wife Mumtaz Mahal.

 The picture of the supernatural beauty created by white stones 'Tajmahal' has made its identity not only in India but in the whole world.

AGRA

(THE LOVE CITY )

Uttar Pradesh's third largest district Agra is very important in historical terms. Being the most preferred city of the Mughals, he made Agra his capital.

Agra was established in 1475 by Badal Singh. In the year 1506, Sikandar Lodi started the rule of Delhi Sultanate in Agra.

At present, Agra comes in the form of a city with some famous tourist destinations in the world. Being situated 200 kilometers from New Delhi, Agra is a charming city with a rich traditional background and interesting religious aspects that makes the city more interesting. Three UNESCO World Heritage Sites are available in the city of Agra. These are the Taj Mahal, Agra Fort, Fatehpur Sikri, Rambagh Park, Sikandra (the tomb of Akbar) and Chini ka roza.